Saturday, 25 October 2014



बेटा : पापा पापा हमरा एगो लईकी से प्यार हो गइल बा , बड़ा सुनर बिया उ 
पापा : के हा उ लईकी अउरी कहाँ के हा ?
बेटा : पड़ोस के शर्मा जी के बेटी आरती 
पापा : काश ............. ई बात तू ना कहता हमरा से ,अगर तू अपना मम्मी से ना बतइबा ता एगो बात बतावे के बा 
बेटा : ना बताइब ,रउवा कही का कहे के बा 
पापा : दरअसल बेटा बात ई बा की आरती तोहार बहिन लगि. 
बेटा उदास होके चल गैल…। 

कुछ दिन बाद बेटा गईल अपना पापा के पास 
बेटा : पापा हमरा दूसरा लइकी से प्यार हो गइल बा ,बड़ा निम्न बिया उ लइकी 
पापा : के हा ,  कहा के हा 
बेटा : अपना पडोसी श्रीवास्तव जी के लइकी सुमन 
पापा के दुबारा उहे बहिन वाला कहानी 

ई घटना कई बार ,बल्कि ६ बार लगातार बहिल 

बेटा तंग होक रोवत रोवत मम्मी के पास गइल अउरी सारा घटना बता दिहलस 

मम्मी ओकर सारा घटना सुनके मुस्कुराइली अउरी कहली 

मम्मी : बेटा तू उदास कहे होत बाड़ा ,तू जेकरा से चाहे प्यार कर सकेला ,काहेका उ तोहार पापा ना हवन तू ऊ सब लइकी तोहार बहिन कइसे होइहैं  

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